केसर की खेती कैसे करें [तापमान, कीमत] | Kesar Ki Kheti Kaise Kare Hindi Saffron Farming

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केसर की खेती अब आसान | Kesar Ki Kheti Kaise Kare In Hindi

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आज के समय में केसर की खेती कोई भी कर सकता है और सबसे मजे की बात यह है की केसर दुनिया का सबसे महंगा पौधा है इसमें किसान खेती करके 6 से 8 लाख तक कमा सकता है ।जिसके लिए हमें निश्चित जलवायु और भूमि की तैयारी करनी पड़ती है।

किसान वीरों आपको मैं यहां रोचक बात बता दूं कि अभी भारत में अमेरिकन केसर की खेती (American Kesar) की भी बहुत चर्चा हो रही है इसमें कहा जाता है कि आप 25 लाख तक कमा सकते हैं इसके बारे में भी हम चर्चा करेंगे।

Kesar Ki Kheti अगर हम जैविक खेती से करते हैं तो उत्पादन और अच्छा देखने को मिलता है और केसर की खेती ऐसी खेती है जिसमें आपको उतना देखना नहीं पड़ता या फिर कहे तो ज्यादा रखरखाव की जरूरत नहीं पड़ती।

Kesar Ki Kheti मे सिंचाई लगभग 15 दिन के अंतराल में ही करना पड़ता है जो कि छोटे अवधि का ही पौधा है जो कि तीन चार महीने में पक जाती है।

चलीअ और जानते हैं केसर की कुछ खासियत या इसकी खेती कैसे हम आराम से कर सकते हैं और कमाई भी हम पूरा एक्सप्लेन करेंगे।

केसर को खेती कैसे करें (Kesar Ki Kheti Kaise Kare In Hindi)

केसर की कीमत और पैदावारी (Kesar Ki Kimat And Production )

दोस्तों केसर भारत की नहीं दुनिया की सबसे महंगी फसलों में से एक है तो ऐसे में हम अगर इसकी खेती करते हैं तो इस फसल की अवधि 3 से 4 महीने की होती है।

तो अगर हम इसको एक हेक्टेयर में लगाते हैं तो यह 2.5 से 3 KG सूखी केसर सुखी उत्पादन देता है और मार्केट में भी केसर की बात करें तो 1.5 से ₹3 लाख तक आराम से बिक जा रहा है।

अब मुनाफा की बात करें तो अगर हमारा फसल ठीक-ठाक रहा तो मात्र 1 हेक्टेयर में हम 10 लाख तक कमा सकते हैं और वही अगर हम ज्यादा फसल करें तो कमाई डबल हो जाती है और इसकी अवधि कितनी कम है आप देख सकते हैं मात्र तीन चार महीना।

मिट्टी और जलवायु (Saffron Climate And Soil India )

Kesar Ki Kheti करने के लिए इसकी मिट्टी का चुनाव करना बहुत जरूरी है ऐसे में अगर कोई किसान खेती करना चाहता है तो मिट्टी परीक्षण जरूर कराएं।

वैसे अगर मिट्टी की बात करें तो रेतीली चिकनी बलुई या फिर दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे उपयुक्त है और आपको पानी भराव वाले जगह बिल्कुल नहीं चुनना है ऐसे में पानी भरता है तो फसल खराब होने से आपका नुकसान हो सकता है।

भूमि की तैयारी (Saffron Soil Preparation )

केसर की खेती करने के लिए भूमि की तैयारी करनी पड़ती है Kesar Ki Kheti करना चाहते हैं तो आपको इतना परेशान होने की जरूरत नहीं है सामान्य आप दूसरी फसल में जैसे भूमि की तैयारी करते हैं वैसे ही इसमें कर सकते हैं।

इसमें थोड़ा और ध्यान रखना पड़ता है लगाने से पहले अच्छे से जुताई कर दें और साथ में खाद भी डाल दें या जैविक खाद डाल दे गोबर खाद।

इसके साथ साथ 90 केजी नाइट्रोजन तथा 60 केजी फास्फोरस पोटाश प्रति Hec॰ के हिसाब से जुदाई के समय डाल ले।

रोपण का समय (Saffron Sowing Time )    

केसर समान्यतः वर्षा आधारित खेती है तो ऐसे में इसकी रोपण की समय की बात करें तो सबसे अच्छा जुलाई से अगस्त होती है।

अगर आप केसर का Chroms लगा रहे हैं तो फिर 7 सेंटीमीटर गड्ढा करके दो Chroms की दूरी 10 सेंटीमीटर रखें जिससे पौधा अच्छा फलता फूलता है क्योंकि पौधे और पौधे की दूरी में इनका पराग भी अच्छा निकलता है तो यह ध्यान आप जरूर रखें।

केसर की खेती मे सिंचाई (Saffron Irrigation)

हम पहले ही चर्चा कर चुके हैं की केसर वर्षा आधारित खेती है तो इस फसल के लिए 10 सेंटीमीटर वर्षा की आवश्यकता होती है।

अगर आप फसल लगा दिए हैं और उसके कुछ दिन बाद हल्की बारिश हो जाती है तो आपको सिंचाई करने की जरूरत ही नहीं पड़ती और अपने हिसाब से खेत में नमी बनाए रखें ।

तो इस हिसाब से 15 दिन के अंतराल में आप दो तीन बार सिंचाई जरूर कर ले जिससे उत्पादन में कोई नुकसान ना हो।

केसर की खेती मे रोग या ऐसे बीमारी (Saffron Disease)

Kesar Ki Kheti में कुछ बीमारियां भी देखने को मिलता है तो यह सामान्य बात हो जाती है कोई भी फसल लगा रहे हैं तो उसमें बीमारियां लगना सामान्य बात होती है तो उसके लिए निपटारा करने का भी अलग-अलग रास्ता होता है।

इसकी खेती मे 15 दिनों में अन्य फसलों की तरह पानी से सिंचाई करते रहे Kesar Ki Kheti में फंगस लगती है जिससे बचाव के लिए देशी उपाय के रूप में नीम के पत्ते, आखड़ा और धतूरे के पत्तों को पानी में उबालकर फसल पर छिड़काव कर सकते है।

इस फसल के लिए तापमान भी 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक होना चाहिए फसल के लिए बारिश लाभकारी तेज हवा और ओलावृष्टि नुकसानदायक होती है।

केसर की कटाई और सुखाना (Saffron Harvesting And Drying Process)  

केसर के फूल खिलने के दूसरे दिन ही फूल को तोड़ कर रख लिया जाता है इसके बाद फूल को सूखने में ज्यादा समय नहीं लगता यह मात्र 3 से 4 घंटे में ही सुख जाते है।

फूल सूखने के बाद फूलो से केसर को निकाल लिया जाता है और इसे किसी Contenar में रख दिया जाता है और जब पूरी फसल कट जाती है उसके बाद इसे धुप में अच्छे से सूखा  कर बाजार में बेचा जा सकता है।

एक बार केसर के पैदावार होने के बाद इसे अच्छी तरह से Pack कर आप इसे किसी भी नजदीकी मंडी में अच्छे दामों में बेच सकते है।

यहा पर कई किसानो की बड़ी समस्या यह होती है की इसे कहाँ बेचे तो जानकारी के लिए बता दु की आप इसे नीमच मंडी में बेच सकते है साथ ही आयुर्वेद की मंडी हो वहा भी बेच सकते है इसके साथ ही आप इसे अनलाइन भी बेच सकते है।

अमेरिकन केसर की खेती कैसे करें (American Kesar Ki Kheti Kaise Kare)

दोस्तों हाल ही में अभी American Kesar ki kheti बहुत चर्चा में है जिसमें किसानों से कहा जा रहा है कि आप इस खेती से 25 लाख तक कमा सकते हैं।

लेकिन इसकी बीज मार्केट में बहुत महंगी मिलती है जो कि लगभग 25 हजार से ₹90 हजार तक मिलती है ऐसे में कई किसान इसमे फसते जा रहे हैं।

ऐसे अगले पोस्ट में हम इसके बारे में डिटेल में चर्चा करेंगे की American Kesar ki kheti कैसे होती है कितना कमा सकते हैं तो सामान्य आप अमेरिकन केसर होता क्या है ये जरूर जान ले।

ये एक पौधा होता है इसका वैज्ञानिक नाम – Carthamus tinctorius होता है यह वही फसल है जिसके बीजो से सफोला तेल बनता है।

इसके बीज 25-30 रुपये किलो में आसानी से मिल जायेंगे इसी कुसुम के फूलों का पुंकेसर और स्त्रीकेसर American Kesar के नाम से प्रचारित किया जा रहा है।

तो दोस्तों यह रही हमारे द्वारा इकट्ठी की गई जानकारी तो आपको कैसी लगी जानकारी “ Kesar Ki Kheti Kaise Kare Hindi “ हमें कमेंट में जरूर बताएं और हो सके तो हमारे अगले दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें इससे हमारा हौसला बढ़ता है जिसके चलते हम और अच्छा से अच्छा जानकारी आपके लिए लाने की कोशिश करते है।

आपका प्रेम पूर्वक धन्यवाद,

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